यह कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी और पहले से चल रही EMI डालें।
- बैंक की FOIR सीमा, ब्याज दर और अवधि डालें।
- घर के लिए अपना पैसा और अपने राज्य की स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन डालें।
स्रोत: RBI मास्टर सर्कुलर – हाउसिंग फ़ाइनेंस (RBI/2024-25/11), 2 अप्रैल 2024 (लोन की रकम) — लोन-टू-वैल्यू और स्टांप ड्यूटी पर।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरी सैलरी पर कितना होम लोन मिलेगा?
बैंक देखते हैं कि आपकी हाथ की सैलरी का कितना हिस्सा EMI में जा सकता है — इसे FOIR कहते हैं। हर महीने ₹1,20,000 हाथ में, ₹10,000 की EMI पहले से चल रही और 50% की सीमा पर, होम लोन EMI के लिए हर महीने ₹50,000 बचते हैं। 8.5% पर 20 साल के लिए इससे लगभग ₹57.62 लाख का लोन मिल सकता है।
कितना डाउन पेमेंट चाहिए?
RBI बैंकों को पूरी कीमत का लोन देने नहीं देता। ₹30 लाख तक के लोन पर बैंक घर की कीमत का ज़्यादा से ज़्यादा 90%, ₹75 लाख तक 80%, और उससे ऊपर 75% दे सकता है। बाकी रकम, और स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन, आपके अपने पैसे से जाते हैं।
क्या बैंक स्टांप ड्यूटी लोन में जोड़ सकता है?
नहीं। RBI बैंकों से कहता है कि स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और दूसरे काग़ज़ी खर्च घर की कीमत में न गिनें, इसलिए लोन की सीमा सिर्फ़ कीमत पर लगती है। अपवाद सिर्फ़ ₹10 लाख तक के घर हैं, जहाँ बैंक ये खर्च जोड़ सकता है। यह कैलकुलेटर इन्हें आपके अपने पैसे से लेता है।
चल रहा लोन बंद करने से फ़ायदा होगा?
हाँ, बहुत। उदाहरण में ₹10,000 की EMI न हो, तो ₹55.56 लाख की जगह ₹55.56 लाख का घर ले सकते हैं।
बड़े लोन के लिए लंबी अवधि लें?
लंबी अवधि में EMI घटती है, इसलिए बैंक बड़ा लोन देता है — यहाँ 30 साल में ₹55.56 लाख, जबकि 20 साल में ₹55.56 लाख। पर ब्याज ज़्यादा समय तक भरना पड़ता है। लंबी अवधि तभी लें जब बीच में लोन जल्दी चुकाने (प्रीपेमेंट) का इरादा हो।
क्या बैंक जितना लोन दे, उतना ही लेना चाहिए?
हमेशा नहीं। बैंक की सीमा वह है जितना वह ज़्यादा से ज़्यादा देगा। लोन की रकम चुनने से पहले इमरजेंसी फ़ंड, घर के अंदर के काम और शिफ़्ट होने के लिए पैसा अलग रखें।